中文圣经

व्यवस्थाविवरण 27:15

ज्ञात 0/28
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「『!』:『!』

「『 yǒu rén zhì zào yē hé huá suǒ zēng è de ǒu xiàng , huò diāo kè , huò zhù zào , jiù shì gōng jiàng shǒu suǒ zuò de , zài àn zhōng shè lì , nà rén bì shòu zhòu zǔ !』 bǎi xìng dōu yào dā ying shuō :『 ā men !』

‘श्रापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्ति कारीगर से खुदवाकर या ढलवा कर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इससे यहोवा घृणा करता है।’ तब सब लोग कहें, ‘आमीन27:15 आमीन: आमीन शब्द बोलनेवालों के अंगीकार की पुष्टि करता है कि जिन वाक्यों के प्रति उन्होंने प्रतिक्रिया दिखाई सच, न्याय सम्भव और अचूक है।।’

इस आयत के शब्द