中文圣经

सभोपदेशक 2

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:「!」

wǒ xīn lǐ shuō :「 lái ba , wǒ yǐ xǐ lè shì shì nǐ , nǐ hǎo xiǎng fú !」 shuí zhī , zhè yě shì xū kōng 。

मैंने अपने मन से कहा, “चल, मैं तुझको आनन्द के द्वारा जाँचूँगा; इसलिए आनन्दित और मगन हो।” परन्तु देखो, यह भी व्यर्थ है।

:「。」:「?」

wǒ zhǐ xī xiào shuō :「 zhè shì kuáng wàng 。」 lùn xǐ lè shuō :「 yǒu hé gōng xiào ne ?」

मैंने हँसी के विषय में कहा, “यह तो बावलापन है,” और आनन्द के विषय में, “उससे क्या प्राप्त होता है?”

使

wǒ xīn lǐ chá jiū , rú hé yòng jiǔ shǐ wǒ ròu tǐ shū chàng , wǒ xīn què réng yǐ zhì huì yǐn dǎo wǒ ; yòu rú hé chí zhù yú mèi , děng wǒ kàn míng shì rén , zài tiān xià yì shēng dāng xíng hé shì wèi měi 。

मैंने मन में सोचा कि किस प्रकार से मेरी बुद्धि बनी रहे और मैं अपने प्राण को दाखमधु पीने से किस प्रकार बहलाऊँ और कैसे मूर्खता को थामे रहूँ, जब तक मालूम न करूँ कि वह अच्छा काम कौन सा है जिसे मनुष्य अपने जीवन भर करता रहे।

wǒ wèi zì jǐ dòng dà gōng chéng , jiàn zào fáng wū , zāi zhòng pú táo yuán ,

मैंने बड़े-बड़े काम किए; मैंने अपने लिये घर बनवा लिए और अपने लिये दाख की बारियाँ लगवाईं;

xiū zào yuán yòu , zài qí zhōng zāi zhòng gè yàng guǒ mù shù ;

मैंने अपने लिये बारियाँ और बाग लगवा लिए, और उनमें भाँति-भाँति के फलदाई वृक्ष लगाए।

wā zào shuǐ chí , yòng yǐ jiāo guàn nèn xiǎo de shù mù 。

मैंने अपने लिये कुण्ड खुदवा लिए कि उनसे वह वन सींचा जाए जिसमें वृक्षों को लगाया जाता था।

wǒ mǎi le pú bì , yě yǒu shēng zài jiā zhōng de pú bì ; yòu yǒu xǔ duō niú qún yáng qún , shèng guò yǐ qián zài yē lù sā lěng zhòng rén suǒ yǒu de 。

मैंने दास और दासियाँ मोल लीं, और मेरे घर में दास भी उत्पन्न हुए; और जितने मुझसे पहले यरूशलेम में थे उनसे कहीं अधिक गाय-बैल और भेड़-बकरियों का मैं स्वामी था।

wǒ yòu wèi zì jǐ jī xù jīn yín hé jūn wáng de cái bǎo , bìng gè shěng de cái bǎo ; yòu dé chàng gē de nán nǚ hé shì rén suǒ xǐ ài de wù , bìng xǔ duō de fēi pín 。

मैंने चाँदी और सोना और राजाओं और प्रान्तों के बहुमूल्य पदार्थों का भी संग्रह किया; मैंने अपने लिये गायकों और गायिकाओं को रखा, और बहुत सी कामिनियाँ भी, जिनसे मनुष्य सुख पाते हैं, अपनी कर लीं।

zhè yàng , wǒ jiù rì jiàn chāng shèng , shèng guò yǐ qián zài yē lù sā lěng de zhòng rén 。 wǒ de zhì huì réng rán cún liú 。

इस प्रकार मैं अपने से पहले के सब यरूशलेमवासियों से अधिक महान और धनाढ्य हो गया; तो भी मेरी बुद्धि ठिकाने रही।

fán wǒ yǎn suǒ qiú de , wǒ méi yǒu liú xià bù gěi tā de ; wǒ xīn suǒ lè de , wǒ méi yǒu jìn zhǐ bù xiǎng shòu de ; yīn wǒ de xīn wèi wǒ yí qiè suǒ láo lù de kuài lè , zhè jiù shì wǒ cóng láo lù zhōng suǒ dé de fēn 。

और जितनी वस्तुओं को देखने की मैंने लालसा की, उन सभी को देखने से मैं न रुका; मैंने अपना मन किसी प्रकार का आनन्द भोगने से न रोका क्योंकि मेरा मन मेरे सब परिश्रम के कारण आनन्दित हुआ; और मेरे सब परिश्रम से मुझे यही भाग मिला।

hòu lái , wǒ chá kàn wǒ shǒu suǒ jīng yíng de yí qiè shì hé wǒ láo lù suǒ chéng de gōng 。 shuí zhī dōu shì xū kōng , dōu shì bǔ fēng ; zài rì guāng zhī xià háo wú yì chù 。

तब मैंने फिर से अपने हाथों के सब कामों को, और अपने सब परिश्रम को देखा, तो क्या देखा कि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है, और सूर्य के नीचे कोई लाभ नहीं।

wǒ zhuǎn niàn guān kàn zhì huì 、 kuáng wàng , hé yú mèi 。 zài wáng yǐ hòu ér lái de rén hái néng zuò shén me ne ? yě bú guò xíng zǎo xiān suǒ xíng de jiù shì le 。

फिर मैंने अपने मन को फेरा कि बुद्धि और बावलेपन और मूर्खता के कार्यों को देखूँ; क्योंकि जो मनुष्य राजा के पीछे आएगा, वह क्या करेगा? केवल वही जो होता चला आया है।

便

wǒ biàn kàn chū zhì huì shèng guò yú mèi , rú tóng guāng míng shèng guò hēi àn 。

तब मैंने देखा कि उजियाला अंधियारे से जितना उत्तम है, उतना बुद्धि भी मूर्खता से उत्तम है।

zhì huì rén de yǎn mù guāng míng , yú mèi rén zài hēi àn lǐ xíng 。 wǒ què kàn míng yǒu yí jiàn shì , zhè liǎng děng rén dōu bì yù jiàn 。

जो बुद्धिमान है, उसके सिर में आँखें रहती हैं, परन्तु मूर्ख अंधियारे में चलता है; तो भी मैंने जान लिया कि दोनों की दशा एक सी होती है।

:「?」

wǒ jiù xīn lǐ shuō :「 yú mèi rén suǒ yù jiàn de , wǒ yě bì yù jiàn , wǒ wèi hé gèng yǒu zhì huì ne ?」 wǒ xīn lǐ shuō , zhè yě shì xū kōng 。

तब मैंने मन में कहा, “जैसी मूर्ख की दशा होगी, वैसी ही मेरी भी होगी; फिर मैं क्यों अधिक बुद्धिमान हुआ?” और मैंने मन में कहा, यह भी व्यर्थ ही है।

zhì huì rén hé yú mèi rén yí yàng , yǒng yuǎn wú rén jì niàn , yīn wèi rì hòu dōu bèi wàng jì ; kě tàn zhì huì rén sǐ wáng , yǔ yú mèi rén wú yì 。

क्योंकि न तो बुद्धिमान का और न मूर्ख का स्मरण सर्वदा बना रहेगा, परन्तु भविष्य में सब कुछ भूला दिया जाएगा2:16 सब कुछ भूला दिया जाएगा: जैसा पहले था वैसा ही आगे भी होगा, सब कुछ भूला दिया जाएगा, क्योंकि आनेवाले दिनों में सभी पुरानी बातें भुला दी जाएँगी।। बुद्धिमान कैसे मूर्ख के समान मरता है!

wǒ suǒ yǐ hèn è shēng mìng ; yīn wèi zài rì guāng zhī xià suǒ xíng de shì wǒ dōu yǐ wéi fán nǎo , dōu shì xū kōng , dōu shì bǔ fēng 。

इसलिए मैंने अपने जीवन से घृणा की, क्योंकि जो काम सूर्य के नीचे किया जाता है मुझे बुरा मालूम हुआ; क्योंकि सब कुछ व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।

wǒ hèn è yí qiè de láo lù , jiù shì wǒ zài rì guāng zhī xià de láo lù , yīn wèi wǒ dé lái de bì liú gěi wǒ yǐ hòu de rén 。

मैंने अपने सारे परिश्रम के प्रतिफल से जिसे मैंने सूर्य के नीचे किया था घृणा की, क्योंकि अवश्य है कि मैं उसका फल उस मनुष्य के लिये छोड़ जाऊँ जो मेरे बाद आएगा।

nà rén shì zhì huì shì yú mèi , shuí néng zhī dào ? tā jìng yào guǎn lǐ wǒ láo lù suǒ dé de , jiù shì wǒ zài rì guāng zhī xià yòng zhì huì suǒ dé de 。 zhè yě shì xū kōng 。

यह कौन जानता है कि वह मनुष्य बुद्धिमान होगा या मूर्ख? तो भी सूर्य के नीचे जितना परिश्रम मैंने किया, और उसके लिये बुद्धि प्रयोग की उस सब का वही अधिकारी होगा। यह भी व्यर्थ ही है।

便

gù cǐ , wǒ zhuǎn xiǎng wǒ zài rì guāng zhī xià suǒ láo lù de yí qiè gōng zuò , xīn biàn jué wàng 。

तब मैं अपने मन में उस सारे परिश्रम के विषय जो मैंने सूर्य के नीचे किया था निराश हुआ,

yīn wèi yǒu rén yòng zhì huì 、 zhī shi 、 líng qiǎo suǒ láo lù dé lái de , què yào liú gěi wèi céng láo lù de rén wéi fēn 。 zhè yě shì xū kōng , yě shì dà huàn 。

क्योंकि ऐसा मनुष्य भी है, जिसका कार्य परिश्रम और बुद्धि और ज्ञान से होता है और सफल भी होता है, तो भी उसको ऐसे मनुष्य के लिये छोड़ जाना पड़ता है, जिसने उसमें कुछ भी परिश्रम न किया हो। यह भी व्यर्थ और बहुत ही बुरा है।

rén zài rì guāng zhī xià láo lù lèi xīn , zài tā yí qiè de láo lù shàng dé zhe shén me ne ?

मनुष्य जो सूर्य के नीचे मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उससे उसको क्या लाभ होता है?

yīn wèi tā rì rì yōu lǜ , tā de láo kǔ chéng wéi chóu fán , lián yè jiān xīn yě bù ān 。 zhè yě shì xū kōng 。

उसके सब दिन तो दुःखों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है।

rén mò qiáng rú chī hē , qiě zài láo lù zhōng xiǎng fú , wǒ kàn zhè yě shì chū yú shén de shǒu 。

मनुष्य के लिये खाने-पीने और परिश्रम करते हुए अपने जीव को सुखी रखने के सिवाय और कुछ भी अच्छा नहीं। मैंने देखा कि यह भी परमेश्वर की ओर से मिलता है।

lùn dào chī yòng 、 xiǎng fú , shuí néng shèng guò wǒ ne ?

क्योंकि खाने-पीने और सुख भोगने में उससे अधिक समर्थ कौन है?

使

shén xǐ yuè shuí , jiù gěi shuí zhì huì 、 zhī shi , hé xǐ lè ; wéi yǒu zuì rén , shén shǐ tā láo kǔ , jiào tā jiāng suǒ shōu jù de 、 suǒ duī jī de guī gěi shén suǒ xǐ yuè de rén 。 zhè yě shì xū kōng , yě shì bǔ fēng 。

जो मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा है, उसको वह बुद्धि और ज्ञान और आनन्द देता है; परन्तु पापी को वह दुःख भरा काम ही देता है कि वह उसको देने के लिये संचय करके ढेर लगाए जो परमेश्वर की दृष्टि में अच्छा हो। यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है2:26 यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है: यहाँ तक कि परमेश्वर के सर्वोत्तम वरदान, बुद्धि, ज्ञान और आनन्द उस उद्देश्य के लिए हमेशा प्रभावशाली नहीं होते जिसके लिए उन्हें दिया जाता है।।

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