सभोपदेशक 4:1
ज्ञात 0/22
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我又转念,见日光之下所行的一切欺压。看哪,受欺压的流泪,且无人安慰;欺压他们的有势力,也无人安慰他们。
wǒ yòu zhuǎn niàn , jiàn rì guāng zhī xià suǒ xíng de yí qiè qī yā 。 kàn nǎ , shòu qī yā de liú lèi , qiě wú rén ān wèi ; qī yā tā men de yǒu shì lì , yě wú rén ān wèi tā men 。
तब मैंने वह सब अंधेर देखा4:1 तब मैंने वह सब अंधेर देखा: वह अन्य घटनाओं को देखता है और उनके द्वारा अपने पूर्वकालिक निष्कर्षो को जाँचता है। जो सूर्य के नीचे होता है। और क्या देखा, कि अंधेर सहनेवालों के आँसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अंधेर करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था।