中文圣经

उत्पत्ति 1:6

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神说:「诸水之间要有空气,将水分为上下。」

shén shuō :「 zhū shuǐ zhī jiān yào yǒu kōng qì , jiāng shuǐ fēn wéi shàng xià 。」

फिर परमेश्वर ने कहा1:6 फिर परमेश्वर ने कहा: इससे हम यह सीखते हैं कि वह न केवल है, बल्कि ऐसा है जो अपनी इच्छा को व्यक्त कर सकता है और अपने सृजे हुओं के साथ बातचीत कर सकता है। वह न केवल अपनी सृष्टि के द्वारा प्रगट होता है बल्कि स्वयं भी अपने को प्रगट करता है।, “जल के बीच एक ऐसा अन्तर हो कि जल दो भाग हो जाए।”

इस आयत के शब्द