यशायाह 46:11
ज्ञात 0/21
11
我召鸷鸟从东方来, 召那成就我筹算的人从远方来。 我已说出,也必成就; 我已谋定,也必做成。
wǒ zhào zhì niǎo cóng dōng fāng lái , zhào nà chéng jiù wǒ chóu suàn de rén cóng yuǎn fāng lái 。 wǒ yǐ shuō chū , yě bì chéng jiù ; wǒ yǐ móu dìng , yě bì zuò chéng 。
मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरुष को बुलाता हूँ। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूँगा; मैंने यह विचार बाँधा है और उसे सफल भी करूँगा।