यशायाह 47:10
ज्ञात 0/23
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你素来倚仗自己的恶行,说: 无人看见我。 你的智慧聪明使你偏邪, 并且你心里说:惟有我, 除我以外再没有别的。
nǐ sù lái yǐ zhàng zì jǐ de è xíng , shuō : wú rén kàn jiàn wǒ 。 nǐ de zhì huì cōng ming shǐ nǐ piān xié , bìng qiě nǐ xīn lǐ shuō : wéi yǒu wǒ , chú wǒ yǐ wài zài méi yǒu bié de 。
तूने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा47:10 तूने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा: यहाँ निःसंदेह, दुष्टता का अर्थ घमण्ड है अर्थात् उसने यह सोचा था कि वह इनके द्वारा अन्य देशों पर अपनी श्रेष्ठता एवं प्रभुता बनाये रखेगा।, तूने कहा, “मुझे कोई नहीं देखता;” तेरी बुद्धि और ज्ञान ने तुझे बहकाया और तूने अपने मन में कहा, “मैं ही हूँ और मेरे सिवाय कोई दूसरा नहीं।”