मलाकी 1:13
你们又说:『这些事何等烦琐!』并嗤之以鼻。这是万军之耶和华说的。你们把抢夺的、瘸腿的、有病的拿来献上为祭。我岂能从你们手中收纳呢?这是耶和华说的。
nǐ men yòu shuō :『 zhè xiē shì hé děng fán suǒ !』 bìng chī zhī yǐ bí 。 zhè shì wàn jūn zhī yē hé huá shuō de 。 nǐ men bǎ qiǎng duó de 、 qué tuǐ de 、 yǒu bìng de ná lái xiàn shàng wèi jì 。 wǒ qǐ néng cóng nǐ men shǒu zhōng shōu nà ne ? zhè shì yē hé huá shuō de 。
फिर तुम यह भी कहते हो, ‘यह कैसा बड़ा उपद्रव है1:13 यह कैसा बड़ा उपद्रव है: परमेश्वर की सेवा का अपना प्रतिफल है अन्यथा वह एक घोर परिश्रम है जिसमें सांसारिक वस्तुओं की तुलना में प्रतिफल कम है। हमारा एकमात्र चुनाव प्रेम और बोझ के मध्य है।!’ सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लँगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूँ? यहोवा का यही वचन है।