नीतिवचन 11:31
ज्ञात 0/12
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看哪,义人在世尚且受报, 何况恶人和罪人呢?
kàn nǎ , yì rén zài shì shàng qiě shòu bào , hé kuàng è rén hé zuì rén ne ?
देख, धर्मी को पृथ्वी पर फल मिलेगा11:31 धर्मी को पृथ्वी पर फल मिलेगा: धर्मी को फल मिलता है अर्थात् अपने छोटे-मोटे पापों का दण्ड मिलता है या अनुशासित किया जाता है तो दुष्टों को कितना अधिक दण्ड मिलेगा।, तो निश्चय है कि दुष्ट और पापी को भी मिलेगा। (1 पत. 4:18)