नीतिवचन 14:3
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愚妄人口中骄傲,如杖责打己身; 智慧人的嘴必保守自己。
yú wàng rén kǒu zhōng jiāo ào , rú zhàng zé dǎ jǐ shēn ; zhì huì rén de zuǐ bì bǎo shǒu zì jǐ 。
मूर्ख के मुँह में गर्व का अंकुर है14:3 मूर्ख के मुँह में गर्व का अंकुर है: अर्थात् मूर्ख की बोली में दिखाया गया घमण्ड एक छड़ी के रूप में है जिसके द्वारा वह अन्यों को और स्वयं को भी मार गिराता है।, परन्तु बुद्धिमान लोग अपने वचनों के द्वारा रक्षा पाते हैं।