中文圣经

नीतिवचन 27

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bú yào wèi míng rì zì kuā , yīn wèi yí rì yào shēng hé shì , nǐ shàng qiě bù néng zhī dào 。

कल के दिन के विषय में डींग मत मार, क्योंकि तू नहीं जानता कि दिन भर में क्या होगा। (याकू. 4:13,14)

yào bié rén kuā jiǎng nǐ , bù kě yòng kǒu zì kuā ; děng wài rén chēng zàn nǐ , bù kě yòng zuǐ zì chēng 。

तेरी प्रशंसा और लोग करें तो करें, परन्तु तू आप न करना; दूसरा तुझे सराहे तो सराहे, परन्तु तू अपनी सराहना न करना।

shí tou zhòng , shā tǔ chén , yú wàng rén de nǎo nù bǐ zhè liǎng yàng gèng zhòng 。

पत्थर तो भारी है और रेत में बोझ है, परन्तु मूर्ख का क्रोध, उन दोनों से भी भारी है।

忿

fèn nù wèi cán rěn , nù qì wèi kuáng lán , wéi yǒu jí dù , shuí néng dí dé zhù ne ?

क्रोध की क्रूरता और प्रकोप की बाढ़, परन्तु ईर्ष्या के सामने कौन ठहर सकता है?

dāng miàn de zé bèi qiáng rú bèi dì de ài qíng 。

खुली हुई डाँट गुप्त प्रेम से उत्तम है।

péng yǒu jiā de shāng hén chū yú zhōng chéng ; chóu dí lián lián qīn zuǐ què shì duō yú 。

जो घाव मित्र के हाथ से लगें वह विश्वासयोग्य हैं परन्तु बैरी अधिक चुम्बन करता है।

饿

rén chī bǎo le , yàn wù fēng fáng de mì ; rén jī è le , yí qiè kǔ wù dōu jué gān tián 。

सन्तुष्ट होने पर मधु का छत्ता भी फीका लगता है, परन्तु भूखे को सब कड़वी वस्तुएँ भी मीठी जान पड़ती हैं।

rén lí běn chù piāo liú , hǎo xiàng què niǎo lí wō yóu fēi 。

स्थान छोड़कर घूमनेवाला मनुष्य उस चिड़िया के समान है, जो घोंसला छोड़कर उड़ती फिरती है।

使

gāo yóu yǔ xiāng liào shǐ rén xīn xǐ yuè ; péng yǒu chéng shí de quàn jiào yě shì rú cǐ gān měi 。

जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।

nǐ de péng yǒu hé fù qīn de péng yǒu , nǐ dōu bù kě lí qì 。 nǐ zāo nán de rì zi , bú yào shàng dì xiong de jiā qù ; xiāng jìn de lín shè qiáng rú yuǎn fāng de dì xiong 。

जो तेरा और तेरे पिता का भी मित्र हो उसे न छोड़ना; और अपनी विपत्ति के दिन, अपने भाई के घर न जाना। प्रेम करनेवाला पड़ोसी, दूर रहनेवाले भाई से कहीं उत्तम है27:10 प्रेम करनेवाला पड़ोसी, दूर रहनेवाले भाई से कहीं उत्तम है: वास्तव में, मन और आत्मा के निकट रहनेवाला पड़ोसी उससे बेहतर है जो रिश्ते में भाई तो है परन्तु भावनाओं में दूर है।।

使

wǒ ér , nǐ yào zuò zhì huì rén , hǎo jiào wǒ de xīn huān xǐ , shǐ wǒ kě yǐ huí dá nà jī qiào wǒ de rén 。

हे मेरे पुत्र, बुद्धिमान होकर27:11 हे मेरे पुत्र, बुद्धिमान होकर: अपने सच्चे शिष्य के लिए शिक्षक का वचन, वह उससे याचना करता है कि विद्वान की खराई उसके गुरू के चरित्र या शिक्षाओं पर किए गए कटाक्षों का सबसे सच्चा उत्तर होगा। मेरा मन आनन्दित कर, तब मैं अपने निन्दा करनेवाले को उत्तर दे सकूँगा।

tōng dá rén jiàn huò cáng duǒ ; yú méng rén qián wǎng shòu hài 。

बुद्धिमान मनुष्य विपत्ति को आती देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़े चले जाते और हानि उठाते हैं।

shuí wèi shēng rén zuò bǎo , jiù ná shuí de yī fu ; shuí wèi wài nǚ zuò bǎo , shuí jiù chéng dāng 。

जो पराए का उत्तरदायी हो उसका कपड़ा, और जो अनजान का उत्तरदायी हो उससे बन्धक की वस्तु ले ले।

qīng chén qǐ lái , dà shēng gěi péng yǒu zhù fú de , jiù suàn shì zhòu zǔ tā 。

जो भोर को उठकर अपने पड़ोसी को ऊँचे शब्द से आशीर्वाद देता है, उसके लिये यह श्राप गिना जाता है।

dà yǔ zhī rì lián lián dī lòu , hé zhēng chǎo de fù rén yí yàng ;

झड़ी के दिन पानी का लगातार टपकना, और झगड़ालू पत्नी दोनों एक से हैं;

便

xiǎng lán zǔ tā de , biàn shì lán zǔ fēng , yě shì yòu shǒu zhuā yóu 。

जो उसको रोक रखे, वह वायु को भी रोक रखेगा और दाहिने हाथ से वह तेल पकड़ेगा।

tiě mó tiě , mó chū rèn lái ; péng yǒu xiāng gǎn yě shì rú cǐ 。

जैसे लोहा लोहे को चमका देता है, वैसे ही मनुष्य का मुख अपने मित्र की संगति से चमकदार हो जाता है।

kān shǒu wú huā guǒ shù de , bì chī shù shàng de guǒ zǐ ; jìng fèng zhǔ rén de , bì dé zūn róng 。

जो अंजीर के पेड़ की रक्षा करता है वह उसका फल खाता है, इसी रीति से जो अपने स्वामी की सेवा करता उसकी महिमा होती है।

shuǐ zhōng zhào liǎn , bǐ cǐ xiāng fú ; rén yǔ rén , xīn yě xiāng duì 。

जैसे जल में मुख की परछाई मुख को प्रगट करती है, वैसे ही मनुष्य का मन मनुष्य को प्रगट करती है।

yīn jiān hé miè wáng yǒng bù mǎn zú ; rén de yǎn mù yě shì rú cǐ 。

जैसे अधोलोक और विनाशलोक, वैसे ही मनुष्य की आँखें भी तृप्त नहीं होती।

dǐng wèi liàn yín , lú wèi liàn jīn , rén de chēng zàn yě shì liàn rén 。

जैसे चाँदी के लिये कुठाली और सोने के लिये भट्ठी हैं, वैसे ही मनुष्य के लिये उसकी प्रशंसा है।

nǐ suī yòng chǔ jiāng yú wàng rén yǔ dǎ suì de mài zi yì tóng dǎo zài jiù zhōng , tā de yú wàng hái shì lí bù liǎo tā 。

चाहे तू मूर्ख को अनाज के बीच ओखली में डालकर मूसल से कूटे, तो भी उसकी मूर्खता नहीं जाने की।

nǐ yào xiáng xì zhī dào nǐ yáng qún de jǐng kuàng , liú xīn liào lǐ nǐ de niú qún ;

अपनी भेड़-बकरियों की दशा भली भाँति मन लगाकर जान ले, और अपने सब पशुओं के झुण्डों की देख-भाल उचित रीति से कर;

yīn wèi zī cái bù néng yǒng yǒu , guān miǎn qǐ néng cún dào wàn dài ?

क्योंकि सम्पत्ति सदा नहीं ठहरती; और क्या राजमुकुट पीढ़ी से पीढ़ी तक बना रहता है?

gān cǎo gē qù , nèn cǎo fā xiàn , shān shàng de cài shū yě bèi shōu liǎn 。

कटी हुई घास उठा ली जाती और नई घास दिखाई देती है और पहाड़ों की हरियाली काटकर इकट्ठी की जाती है;

yáng gāo zhī máo shì wèi nǐ zuò yī fu ; shān yáng shì wèi zuò tián dì de jià zhí ,

तब भेड़ों के बच्चे तेरे वस्त्र के लिये होंगे, और बकरों के द्वारा खेत का मूल्य दिया जाएगा;

bìng yǒu mǔ shān yáng nǎi gòu nǐ chī , yě gòu nǐ de jiā juàn chī , qiě gòu yǎng nǐ de bì nǚ 。

और बकरियों का इतना दूध होगा कि तू अपने घराने समेत पेट भरकर पिया करेगा, और तेरी दासियों का भी जीवन निर्वाह होता रहेगा।

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