भजन संहिता 44:15
ज्ञात 0/11
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我的凌辱终日在我面前, 我脸上的羞愧将我遮蔽,
wǒ de líng rǔ zhōng rì zài wǒ miàn qián , wǒ liǎn shàng de xiū kuì jiāng wǒ zhē bì ,
दिन भर हमें तिरस्कार सहना पड़ता है44:15 दिन भर हमें तिरस्कार सहना पड़ता है: मेरे अपमान का बोध एवं प्रमाण सदैव मेरे साथ रहता है।, और कलंक लगाने और निन्दा करनेवाले के बोल से,