भजन संहिता 55:4
ज्ञात 0/11
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我心在我里面甚是疼痛; 死的惊惶临到我身。
wǒ xīn zài wǒ lǐ miàn shèn shì téng tòng ; sǐ de jīng huáng lín dào wǒ shēn 。
मेरा मन भीतर ही भीतर संकट में है55:4 मेरा मन भीतर ही भीतर संकट में है: बोझ से दबा और दु:खी अर्थात् बहुत व्यथित है।, और मृत्यु का भय मुझ में समा गया है।