中文圣经

उत्पत्ति 8

ज्ञात 0/185

shén jì niàn nuó yà hé nuó yà fāng zhōu lǐ de yí qiè zǒu shòu shēng chù 。 shén jiào fēng chuī dì , shuǐ shì jiàn luò 。

परमेश्वर ने नूह और जितने जंगली पशु और घरेलू पशु उसके संग जहाज में थे, उन सभी की सुधि ली8:1 परमेश्वर ने नूह और जितने जंगली पशु और घरेलू पशु उसके संग जहाज में थे, उन सभी की सुधि ली: उसे जल से बचाने के लिए उठाएँ कदम के द्वारा परमेश्वर ने उसकी सुधि ली। इसके विषय में कई कदम उठाएँ गए।: और परमेश्वर ने पृथ्वी पर पवन बहाई, और जल घटने लगा।

yuān yuán hé tiān shàng de chuāng hù dōu bì sè le , tiān shàng de dà yǔ yě zhǐ zhù le 。

गहरे समुद्र के सोते और आकाश के झरोखे बंद हो गए; और उससे जो वर्षा होती थी वह भी थम गई।

退

shuǐ cóng dì shàng jiàn tuì 。 guò le yì bǎi wǔ shí tiān , shuǐ jiù jiàn xiāo 。

और एक सौ पचास दिन के पश्चात् जल पृथ्वी पर से लगातार घटने लगा।

qī yuè shí qī rì , fāng zhōu tíng zài yà lā là shān shàng 。

सातवें महीने के सत्रहवें दिन को, जहाज अरारात नामक पहाड़ पर टिक गया।

shuǐ yòu jiàn xiāo , dào shí yuè chū yī rì , shān dǐng dōu xiàn chū lái le 。

और जल दसवें महीने तक घटता चला गया, और दसवें महीने के पहले दिन को, पहाड़ों की चोटियाँ दिखाई दीं।

guò le sì shí tiān , nuó yà kāi le fāng zhōu de chuāng hù ,

फिर ऐसा हुआ कि चालीस दिन के पश्चात् नूह ने अपने बनाए हुए जहाज की खिड़की को खोलकर,

fàng chū yì zhī wū yā qù ; nà wū yā fēi lái fēi qù , zhí dào dì shàng de shuǐ dōu gān le 。

एक कौआ उड़ा दिया: जब तक जल पृथ्वी पर से सूख न गया, तब तक कौआ इधर-उधर फिरता रहा।

退

tā yòu fàng chū yì zhī gē zi qù , yào kàn kàn shuǐ cóng dì shàng tuì le méi yǒu 。

फिर उसने अपने पास से एक कबूतरी को भी उड़ा दिया कि देखे कि जल भूमि से घट गया कि नहीं।

dàn biàn dì shàng dōu shì shuǐ , gē zi zhǎo bù zhuó luò jiǎo zhī dì , jiù huí dào fāng zhōu nuó yà nà lǐ , nuó yà shēn shǒu bǎ gē zi jiē jìn fāng zhōu lái 。

उस कबूतरी को अपने पैर टेकने के लिये कोई आधार न मिला, तो वह उसके पास जहाज में लौट आई: क्योंकि सारी पृथ्वी के ऊपर जल ही जल छाया था तब उसने हाथ बढ़ाकर उसे अपने पास जहाज में ले लिया।

tā yòu děng le qī tiān , zài bǎ gē zi cóng fāng zhōu fàng chū qù 。

तब और सात दिन तक ठहरकर, उसने उसी कबूतरी को जहाज में से फिर उड़ा दिया।

退

dào le wǎn shàng , gē zi huí dào tā nà lǐ , zuǐ lǐ diāo zhe yí gè xīn nǐng xià lái de gǎn lǎn yè zi , nuó yà jiù zhī dào dì shàng de shuǐ tuì le 。

और कबूतरी साँझ के समय उसके पास आ गई, तो क्या देखा कि उसकी चोंच में जैतून का एक नया पत्ता है; इससे नूह ने जान लिया, कि जल पृथ्वी पर घट गया है।

tā yòu děng le qī tiān , fàng chū gē zi qù , gē zi jiù bú zài huí lái le 。

फिर उसने सात दिन और ठहरकर उसी कबूतरी को उड़ा दिया; और वह उसके पास फिर कभी लौटकर न आई।

便

dào nuó yà liù bǎi líng yī suì , zhēng yuè chū yī rì , dì shàng de shuǐ dōu gān le 。 nuó yà chè qù fāng zhōu de gài guān kàn , biàn jiàn dì miàn shàng gān le 。

नूह की आयु के छः सौ एक वर्ष के पहले महीने के पहले दिन जल पृथ्वी पर से सूख गया। तब नूह ने जहाज की छत खोलकर क्या देखा कि धरती सूख गई है।

dào le èr yuè èr shí qī rì , dì jiù dōu gān le 。

और दूसरे महीने के सताईसवें दिन को पृथ्वी पूरी रीति से सूख गई।

shén duì nuó yà shuō :

तब परमेश्वर ने नूह से कहा,

「 nǐ hé nǐ de qī zǐ 、 ér zi 、 ér fù dōu kě yǐ chū fāng zhōu 。

“तू अपने पुत्रों, पत्नी और बहुओं समेत जहाज में से निकल आ।

。」

zài nǐ nà lǐ fán yǒu xuè ròu de huó wù , jiù shì fēi niǎo 、 shēng chù , hé yí qiè pá zài dì shàng de kūn chóng , dōu yào dài chū lái , jiào tā zài dì shàng duō duō zī shēng , dà dà xīng wàng 。」

क्या पक्षी, क्या पशु, क्या सब भाँति के रेंगनेवाले जन्तु जो पृथ्वी पर रेंगते हैं; जितने शरीरधारी जीव-जन्तु तेरे संग हैं, उन सब को अपने साथ निकाल ले आ कि पृथ्वी पर उनसे बहुत बच्चे उत्पन्न हों; और वे फूलें-फलें, और पृथ्वी पर फैल जाएँ।”

yú shì nuó yà hé tā de qī zǐ 、 ér zi 、 ér fù dōu chū lái le 。

तब नूह और उसके पुत्र और पत्नी और बहुएँ, निकल आईं। (2 पत. 2:5)

yí qiè zǒu shòu 、 kūn chóng 、 fēi niǎo , hé dì shàng suǒ yǒu de dòng wù , gè cóng qí lèi , yě dōu chū le fāng zhōu 。

और सब चौपाए, रेंगनेवाले जन्तु, और पक्षी, और जितने जीवजन्तु पृथ्वी पर चलते फिरते हैं, सब जाति-जाति करके जहाज में से निकल आए।

nuó yà wèi yē hé huá zhù le yí zuò tán , ná gè lèi jié jìng de shēng chù 、 fēi niǎo xiàn zài tán shàng wèi fán jì 。

तब नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई8:20 नूह ने यहोवा के लिये एक वेदी बनाई: जब नूह और उसका परिवार, परमेश्वर की विशेष दया से सूखी भूमि पर पहुँच गए, तो उन्होंने उसको विश्वास और धन्यवाद की भेंट अर्पित करके आनन्द मनाया। नूह की भेंट को परमेश्वर ने स्वीकार किया।; और सब शुद्ध पशुओं, और सब शुद्ध पक्षियों में से, कुछ कुछ लेकर वेदी पर होमबलि चढ़ाया।

:「怀),

yē hé huá wén nà xīn xiāng zhī qì , jiù xīn lǐ shuō :「 wǒ bú zài yīn rén de yuán gù zhòu zǔ dì ( rén cóng xiǎo shí xīn lǐ huái zhe è niàn ), yě bú zài àn zhe wǒ cái xíng de miè gè zhǒng de huó wù le 。

इस पर यहोवा ने सुखदायक सुगन्ध पाकर सोचा, “मनुष्य के कारण मैं फिर कभी भूमि को श्राप न दूँगा, यद्यपि मनुष्य के मन में बचपन से जो कुछ उत्पन्न होता है वह बुरा ही होता है; तो भी जैसा मैंने सब जीवों को अब मारा है, वैसा उनको फिर कभी न मारूँगा।

。」

dì hái cún liú de shí hòu , jià sè 、 hán shǔ 、 dōng xià 、 zhòu yè jiù yǒng bù tíng xī le 。」

अब से जब तक पृथ्वी बनी रहेगी, तब तक बोने और काटने के समय, ठंडा और तपन, धूपकाल और शीतकाल, दिन और रात, निरन्तर होते चले जाएँगे।”

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