中文圣经

यशायाह 65:20

ज्ञात 0/23
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寿

qí zhōng bì méi yǒu shù rì yāo wáng de yīng hái , yě méi yǒu shòu shù bù mǎn de lǎo zhě ; yīn wèi bǎi suì sǐ de réng suàn hái tóng , yǒu bǎi suì sǐ de zuì rén suàn bèi zhòu zǔ 。

उसमें फिर न तो थोड़े दिन का बच्चा, और न ऐसा बूढ़ा जाता रहेगा जिसने अपनी आयु पूरी न की हो65:20 बूढ़ा जाता रहेगा जिसने अपनी आयु पूरी न की हो: वे दीर्घायु की आशीषों का आनन्द लेंगे और ऐसी दीर्घायु नहीं जो दुर्बल एवं हताशा से भरी हो वरन् शक्ति एवं आनन्द से भरपूर।; क्योंकि जो लड़कपन में मरनेवाला है वह सौ वर्ष का होकर मरेगा, परन्तु पापी सौ वर्ष का होकर श्रापित ठहरेगा।

इस आयत के शब्द