中文圣经

अय्यूब 25

ज्ञात 0/54

shū yà rén bǐ lè dá huí dá shuō :

तब शूही बिल्दद ने कहा,

shén yǒu zhì lǐ zhī quán , yǒu wēi yán kě wèi ; tā zài gāo chù shī xíng hé píng 。

“प्रभुता करना और डराना यह उसी का काम है25:2 प्रभुता करना और डराना यह उसी का काम है: अर्थात् परमेश्वर को राज करने का अधिकार है और उसे श्रद्धा अर्पित करना आवश्यक है।; वह अपने ऊँचे-ऊँचे स्थानों में शान्ति रखता है।

tā de zhū jūn qǐ néng shù suàn ? tā de guāng liàng yì fā , shuí bù méng zhào ne ?

क्या उसकी सेनाओं की गिनती हो सकती? और कौन है जिस पर उसका प्रकाश नहीं पड़ता?

zhè yàng zài shén miàn qián , rén zěn néng chēng yì ? fù rén suǒ shēng de zěn néng jié jìng ?

फिर मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में धर्मी कैसे ठहर सकता है? और जो स्त्री से उत्पन्न हुआ है वह कैसे निर्मल हो सकता है?

宿

zài shén yǎn qián , yuè liàng yě wú guāng liàng , xīng xiù yě bù qīng jié 。

देख, उसकी दृष्टि में चन्द्रमा भी अंधेरा ठहरता, और तारे भी निर्मल नहीं ठहरते।

hé kuàng rú chóng de rén , rú qū de shì rén ne !

फिर मनुष्य की क्या गिनती जो कीड़ा है, और आदमी कहाँ रहा जो केंचुआ है!”

इस अध्याय पर स्वयं को परखें

10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।