अय्यूब 25
神有治理之权,有威严可畏; 他在高处施行和平。
shén yǒu zhì lǐ zhī quán , yǒu wēi yán kě wèi ; tā zài gāo chù shī xíng hé píng 。
“प्रभुता करना और डराना यह उसी का काम है25:2 प्रभुता करना और डराना यह उसी का काम है: अर्थात् परमेश्वर को राज करने का अधिकार है और उसे श्रद्धा अर्पित करना आवश्यक है।; वह अपने ऊँचे-ऊँचे स्थानों में शान्ति रखता है।
他的诸军岂能数算? 他的光亮一发,谁不蒙照呢?
tā de zhū jūn qǐ néng shǔ suàn ? tā de guāng liàng yì fā , shuí bù méng zhào ne ?
क्या उसकी सेनाओं की गिनती हो सकती? और कौन है जिस पर उसका प्रकाश नहीं पड़ता?
这样在 神面前,人怎能称义? 妇人所生的怎能洁净?
zhè yàng zài shén miàn qián , rén zěn néng chēng yì ? fù rén suǒ shēng de zěn néng jié jìng ?
फिर मनुष्य परमेश्वर की दृष्टि में धर्मी कैसे ठहर सकता है? और जो स्त्री से उत्पन्न हुआ है वह कैसे निर्मल हो सकता है?
在 神眼前,月亮也无光亮, 星宿也不清洁。
zài shén yǎn qián , yuè liang yě wú guāng liàng , xīng xiù yě bù qīng jié 。
देख, उसकी दृष्टि में चन्द्रमा भी अंधेरा ठहरता, और तारे भी निर्मल नहीं ठहरते।
何况如虫的人, 如蛆的世人呢!
hé kuàng rú chóng de rén , rú qū de shì rén ne !
फिर मनुष्य की क्या गिनती जो कीड़ा है, और आदमी कहाँ रहा जो केंचुआ है!”
इस अध्याय पर स्वयं को परखें
10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।
इस अध्याय का कितना आप जानते हैं
आगे क्या पढ़ें
वे अध्याय जिनके अधिकांश शब्द आप पहले से जानते हैं। ~92%
खोज रहे हैं…