中文圣经

योना 2

ज्ञात 0/105

yuē ná zài yú fù zhōng dǎo gào yē hé huá — tā de shén ,

तब योना ने महा मच्छ के पेट में से अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना करके कहा,

shuō : wǒ zāo yù huàn nàn qiú gào yē hé huá , nǐ jiù yīng yǔn wǒ ; cóng yīn jiān de shēn chù hū qiú , nǐ jiù fǔ tīng wǒ de shēng yīn 。

“मैंने संकट में पड़े हुए यहोवा की दुहाई दी, और उसने मेरी सुन ली है; अधोलोक के उदर में से2:2 अधोलोक के उदर में से: जल की गहराई अधोलोक के सदृश्य थी और वह मृतकों में गिना गया था। मैं चिल्ला उठा, और तूने मेरी सुन ली।

nǐ jiāng wǒ tóu xià shēn yuān , jiù shì hǎi de shēn chù ; dà shuǐ huán rào wǒ , nǐ de bō làng hóng tāo dōu màn guò wǒ shēn 。

तूने मुझे गहरे सागर में समुद्र की थाह तक डाल दिया; और मैं धाराओं के बीच में पड़ा था, तेरी सब तरंग और लहरें मेरे ऊपर से बह गईं।

殿

wǒ shuō : wǒ cóng nǐ yǎn qián suī bèi qū zhú , wǒ réng yào yǎng wàng nǐ de shèng diàn 。

तब मैंने कहा, ‘मैं तेरे सामने से निकाल दिया गया हूँ; कैसे मैं तेरे पवित्र मन्दिर की ओर फिर ताकूँगा?’

zhū shuǐ huán rào wǒ , jī hū yān mò wǒ ; shēn yuān wéi zhù wǒ ; hǎi cǎo chán rào wǒ de tóu 。

मैं जल से यहाँ तक घिरा हुआ था कि मेरे प्राण निकले जाते थे; गहरा सागर मेरे चारों ओर था, और मेरे सिर में सिवार लिपटा हुआ था।

wǒ xià dào shān gēn , dì de mén jiàng wǒ yǒng yuǎn guān zhù 。 yē hé huá — wǒ de shén a , nǐ què jiāng wǒ de xìng mìng cóng kēng zhōng jiù chū lái 。

मैं पहाड़ों की जड़ तक पहुँच गया था; मैं सदा के लिये भूमि में बन्द हो गया था; तो भी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, तूने मेरे प्राणों को गड्ढे में से उठाया है।

殿

wǒ xīn zài wǒ lǐ miàn fā hūn de shí hòu , wǒ jiù xiǎng niàn yē hé huá 。 wǒ de dǎo gào jìn rù nǐ de shèng diàn , dá dào nǐ de miàn qián 。

जब मैं मूर्छा खाने लगा, तब मैंने यहोवा को स्मरण किया; और मेरी प्रार्थना तेरे पास वरन् तेरे पवित्र मन्दिर में पहुँच गई।

nà xìn fèng xū wú zhī shén de rén , lí qì lián ài tā men de zhǔ ;

जो लोग धोखे की व्यर्थ वस्तुओं2:8 व्यर्थ वस्तुओं: अर्थात् मूर्तियाँ। पर मन लगाते हैं, वे अपने करुणानिधान को छोड़ देते हैं।

dàn wǒ bì yòng gǎn xiè de shēng yīn xiàn jì yǔ nǐ 。 wǒ suǒ xǔ de yuàn , wǒ bì cháng huán 。 jiù ēn chū yú yē hé huá 。

परन्तु मैं ऊँचे शब्द से धन्यवाद करके तुझे बलिदान चढ़ाऊँगा; जो मन्नत मैंने मानी, उसको पूरी करूँगा। उद्धार यहोवा ही से होता है।”

yē hé huá fēn fù yú , yú jiù bǎ yuē ná tǔ zài hàn dì shàng 。

और यहोवा ने महा मच्छ को आज्ञा दी, और उसने योना को स्थल पर उगल दिया।

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10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।