中文圣经

गिनती 30

ज्ञात 0/111

西:「

mó xī xiǎo yù yǐ sè liè gè zhī pài de shǒu lǐng shuō :「 yē hé huá suǒ fēn fù de nǎi shì zhè yàng :

फिर मूसा ने इस्राएली गोत्रों के मुख्य-मुख्य पुरुषों से कहा, “यहोवा ने यह आज्ञा दी है:

rén ruò xiàng yē hé huá xǔ yuàn huò qǐ shì , yào yuē shù zì jǐ , jiù bù kě shí yán , bì yào àn kǒu zhōng suǒ chū de yí qiè huà xíng 。

जब कोई पुरुष यहोवा की मन्नत माने, या अपने आपको वाचा से बाँधने के लिये शपथ खाए30:2 जब कोई पुरुष यहोवा की मन्नत माने, या अपने आपको वाचा से बाँधने के लिये शपथ खाए: “मन्नत” व्यवहार आधारित थी, “शपथ” नकारात्मक या प्रतिबंधात्मक आधारित थी। मन्नत खाने में मनुष्य परमेश्वर को कुछ देने के लिए बन्धक होता था या उसके लिए कुछ करने हेतु, शपथ खाने में वह स्वयं को कुछ लोगों और विलासिता से स्वयं को अलग रखता था। शपथ खाने में कुछ करने की विवशता थी जबकि मन्नत में कुछ करने को सहना आवश्यक था।, तो वह अपना वचन न टाले; जो कुछ उसके मुँह से निकला हो उसके अनुसार वह करे। (मत्ती 5:33)

nǚ zǐ nián yòu 、 hái zài fù jiā de shí hòu , ruò xiàng yē hé huá xǔ yuàn , yào yuē shù zì jǐ ,

और जब कोई स्त्री अपनी कुँवारी अवस्था में, अपने पिता के घर में रहते हुए, यहोवा की मन्नत माने30:3 जब कोई स्त्री .... अपने पिता के घर में रहते हुए, यहोवा की मन्नत माने: यह सामान्यतः उसकी मंगनी या विवाह तक वह अपने पिता के अधिकार से अपने पति के अधिकाराधीन नहीं होती थी।, व अपने को वाचा से बाँधे,

tā fù qīn yě tīng jiàn tā suǒ xǔ de yuàn bìng yuē shù zì jǐ de huà , què xiàng tā mò mò bù yán , tā suǒ xǔ de yuàn bìng yuē shù zì jǐ de huà jiù dōu yào wèi dìng 。

तो यदि उसका पिता उसकी मन्नत या उसका वह वचन सुनकर, जिससे उसने अपने आपको बाँधा हो, उससे कुछ न कहे; तब तो उसकी सब मन्नतें स्थिर बनी रहें, और कोई बन्धन क्यों न हो, जिससे उसने अपने आपको बाँधा हो, वह भी स्थिर रहे।

dàn tā fù qīn tīng jiàn de rì zi ruò bú yìng chéng tā suǒ xǔ de yuàn hé yuē shù zì jǐ de huà , jiù dōu bù dé wèi dìng ; yē hé huá yě bì shè miǎn tā , yīn wèi tā fù qīn bú yìng chéng 。

परन्तु यदि उसका पिता उसकी सुनकर उसी दिन उसको मना करे, तो उसकी मन्नतें या और प्रकार के बन्धन, जिनसे उसने अपने आपको बाँधा हो, उनमें से एक भी स्थिर न रहे, और यहोवा यह जानकर, कि उस स्त्री के पिता ने उसे मना कर दिया है, उसका यह पाप क्षमा करेगा।

tā ruò chū le jià , yǒu yuàn zài shēn , huò shì kǒu zhōng chū le yuē shù zì jǐ de mào shi huà ,

फिर यदि वह पति के अधीन हो और मन्नत माने, या बिना सोच विचार किए ऐसा कुछ कहे जिससे वह बन्धन में पड़े,

tā zhàng fu tīng jiàn de rì zi , què xiàng tā mò mò bù yán , tā suǒ xǔ de yuàn bìng yuē shù zì jǐ de huà jiù dōu yào wèi dìng 。

और यदि उसका पति सुनकर उस दिन उससे कुछ न कहे; तब तो उसकी मन्नतें स्थिर रहें, और जिन बन्धनों से उसने अपने आपको बाँधा हो वह भी स्थिर रहें।

dàn tā zhàng fu tīng jiàn de rì zi , ruò bú yìng chéng , jiù suàn fèi le tā suǒ xǔ de yuàn hé tā chū kǒu yuē shù zì jǐ de mào shi huà ; yē hé huá yě bì shè miǎn tā 。

परन्तु यदि उसका पति सुनकर उसी दिन उसे मना कर दे, तो जो मन्नत उसने मानी है, और जो बात बिना सोच-विचार किए कहने से उसने अपने आपको वाचा से बाँधा हो, वह टूट जाएगी; और यहोवा उस स्त्री का पाप क्षमा करेगा।

guǎ fù huò shì bèi xiū de fù rén suǒ xǔ de yuàn , jiù shì tā yuē shù zì jǐ de huà , dōu yào wèi dìng 。

फिर विधवा या त्यागी हुई स्त्री की मन्नत, या किसी प्रकार की वाचा का बन्धन क्यों न हो, जिससे उसने अपने आपको बाँधा हो, तो वह स्थिर ही रहे।

tā ruò zài zhàng fu jiā lǐ xǔ le yuàn huò qǐ le shì , yuē shù zì jǐ ,

फिर यदि कोई स्त्री अपने पति के घर में रहते मन्नत माने, या शपथ खाकर अपने आपको बाँधे,

zhàng fu tīng jiàn , què xiàng tā mò mò bù yán , yě méi yǒu bú yìng chéng , tā suǒ xǔ de yuàn bìng yuē shù zì jǐ de huà jiù dōu yào wèi dìng 。

और उसका पति सुनकर कुछ न कहे, और न उसे मना करे; तब तो उसकी सब मन्नतें स्थिर बनी रहें, और हर एक बन्धन क्यों न हो, जिससे उसने अपने आपको बाँधा हो, वह स्थिर रहे।

zhàng fu tīng jiàn de rì zi , ruò bǎ zhè liǎng yàng quán fèi le , fù rén kǒu zhōng suǒ xǔ de yuàn huò shì yuē shù zì jǐ de huà jiù dōu bù dé wèi dìng , yīn tā zhàng fu yǐ jīng bǎ zhè liǎng yàng fèi le ; yē hé huá yě bì shè miǎn tā 。

परन्तु यदि उसका पति उसकी मन्नत आदि सुनकर उसी दिन पूरी रीति से तोड़ दे, तो उसकी मन्नतें आदि, जो कुछ उसके मुँह से अपने बन्धन के विषय निकला हो, उसमें से एक बात भी स्थिर न रहे; उसके पति ने सब तोड़ दिया है; इसलिए यहोवा उस स्त्री का वह पाप क्षमा करेगा।

fán tā suǒ xǔ de yuàn hé kè kǔ yuē shù zì jǐ suǒ qǐ de shì , tā zhàng fu kě yǐ jiān dìng , yě kě yǐ fèi qù 。

कोई भी मन्नत या शपथ क्यों न हो, जिससे उस स्त्री ने अपने जीव को दुःख देने की वाचा बाँधी हो, उसको उसका पति चाहे तो दृढ़ करे, और चाहे तो तोड़े;

使

tǎng ruò tā zhàng fu tiān tiān xiàng tā mò mò bù yán , jiù suàn shì jiān dìng tā suǒ xǔ de yuàn hé yuē shù zì jǐ de huà ; yīn zhàng fu tīng jiàn de rì zi xiàng tā mò mò bù yán , jiù shǐ zhè liǎng yàng jiān dìng 。

अर्थात् यदि उसका पति दिन प्रतिदिन उससे कुछ भी न कहे, तो वह उसको सब मन्नतें आदि बन्धनों को जिनसे वह बंधी हो दृढ़ कर देता है; उसने उनको दृढ़ किया है, क्योंकि सुनने के दिन उसने कुछ नहीं कहा।

使。」

dàn tā zhàng fu tīng jiàn yǐ hòu , ruò shǐ zhè liǎng yàng quán fèi le , jiù yào dān dāng fù rén de zuì niè 。」

और यदि वह उन्हें सुनकर बहुत दिन पश्चात् तोड़ दे, तो अपनी स्त्री के अधर्म का भार वही उठाएगा।”

西

zhè shì zhàng fu dài qī zǐ , fù qīn dài nǚ ér , nǚ ér nián yòu 、 hái zài fù jiā , yē hé huá suǒ fēn fù mó xī de lǜ lì 。

पति-पत्नी के बीच, और पिता और उसके घर में रहती हुई कुँवारी बेटी के बीच, जिन विधियों की आज्ञा यहोवा ने मूसा को दी वे ये ही हैं।

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10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।