中文圣经

नीतिवचन 31

ज्ञात 0/229

lì mù yī lè wáng de yán yǔ , shì tā mǔ qīn jiào xùn tā de zhēn yán 。

लमूएल राजा के प्रभावशाली वचन, जो उसकी माता ने उसे सिखाए।

wǒ de ér a , wǒ fù zhōng shēng de ér a , wǒ xǔ yuàn dé de ér a ! wǒ dāng zěn yàng jiào xùn nǐ ne ?

हे मेरे पुत्र, हे मेरे निज पुत्र! हे मेरी मन्नतों के पुत्र31:2 मेरी मन्नतों के पुत्र: शमूएल और शिमशोन जैसे पुत्र जो प्रायः प्रार्थना द्वारा प्राप्त हुए। समर्पण की शपथ से अनुमोदित प्रार्थना।!

bú yào jiāng nǐ de jīng lì gěi fù nǚ ; yě bú yào yǒu bài huài jūn wáng de xíng wéi 。

अपना बल स्त्रियों को न देना, न अपना जीवन उनके वश कर देना जो राजाओं का पौरूष खा जाती हैं।

lì mù yī lè a , jūn wáng hē jiǔ , jūn wáng hē jiǔ bù xiāng yí ; wáng zǐ shuō nóng jiǔ zài nà lǐ yě bù xiāng yí ;

हे लमूएल, राजाओं को दाखमधु पीना शोभा नहीं देता, और मदिरा चाहना, रईसों को नहीं फबता;

kǒng pà hē le jiù wàng jì lǜ lì , diān dǎo yí qiè kùn kǔ rén de shì fēi 。

ऐसा न हो कि वे पीकर व्यवस्था को भूल जाएँ और किसी दुःखी के हक़ को मारें।

kě yǐ bǎ nóng jiǔ gěi jiāng wáng de rén hē , bǎ qīng jiǔ gěi kǔ xīn de rén hē ,

मदिरा उसको पिलाओ जो मरने पर है, और दाखमधु उदास मनवालों को ही देना;

ràng tā hē le , jiù wàng jì tā de pín qióng , bú zài jì niàn tā de kǔ chǔ 。

जिससे वे पीकर अपनी दरिद्रता को भूल जाएँ और अपने कठिन श्रम फिर स्मरण न करें।

nǐ dāng wèi yǎ ba kāi kǒu , wèi yí qiè gū dú de shēn yuān 。

गूँगे के लिये अपना मुँह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर।

nǐ dāng kāi kǒu àn gōng yì pàn duàn , wèi kùn kǔ hé qióng fá de biàn qū 。

अपना मुँह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर।

cái dé de fù rén shuí néng dé zhe ne ? tā de jià zhí yuǎn shèng guò zhēn zhū 。

भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूँगों से भी बहुत अधिक है।

tā zhàng fu xīn lǐ yǐ kào tā , bì bù quē shǎo lì yì ;

उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है, और उसे लाभ की घटी नहीं होती।

使

tā yì shēng shǐ zhàng fu yǒu yì wú sǔn 。

वह अपने जीवन के सारे दिनों में उससे बुरा नहीं, वरन् भला ही व्यवहार करती है।

tā xún zhǎo yáng róng hé má , gān xīn yòng shǒu zuò gōng 。

वह ऊन और सन ढूँढ़ ढूँढ़कर, अपने हाथों से प्रसन्नता के साथ काम करती है।

tā hǎo xiàng shāng chuán cóng yuǎn fāng yùn liáng lái ,

वह व्यापार के जहाजों के समान अपनी भोजनवस्तुएँ दूर से मँगवाती है।

wèi dào lí míng tā jiù qǐ lái , bǎ shí wù fēn gěi jiā zhōng de rén , jiāng dàng zuò de gōng fēn pài bì nǚ 。

वह रात ही को उठ बैठती है, और अपने घराने को भोजन खिलाती है और अपनी दासियों को अलग-अलग काम देती है।

tā xiǎng dé tián dì jiù mǎi lái ; yòng shǒu suǒ dé zhī lì zāi zhòng pú táo yuán 。

वह किसी खेत के विषय में सोच विचार करती है और उसे मोल ले लेती है; और अपने परिश्रम के फल से दाख की बारी लगाती है।

使

tā yǐ néng lì shù yāo , shǐ bǎng bì yǒu lì 。

वह अपनी कमर को बल के फेंटे से कसती है, और अपनी बाहों को दृढ़ बनाती है। (लूका 12:35)

tā jué de suǒ jīng yíng de yǒu lì ; tā de dēng zhōng yè bú miè 。

वह परख लेती है कि मेरा व्यापार लाभदायक है। रात को उसका दिया नहीं बुझता।

线竿线

tā shǒu ná niǎn xiàn gān , shǒu bǎ fǎng xiàn chē 。

वह अटेरन में हाथ लगाती है, और चरखा पकड़ती है।

tā zhāng shǒu zhōu jì kùn kǔ rén , shēn shǒu bāng bǔ qióng fá rén 。

वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है, और दरिद्र को सम्भालने के लिए हाथ बढ़ाती है।

穿

tā bù yīn xià xuě wèi jiā lǐ de rén dān xīn , yīn wèi quán jiā dōu chuān zhe zhū hóng yī fu 。

वह अपने घराने के लिये हिम से नहीं डरती, क्योंकि उसके घर के सब लोग लाल कपड़े पहनते हैं।

tā wèi zì jǐ zhì zuò xiù huā tǎn zǐ ; tā de yī fu shì xì má hé zǐ sè bù zuò de 。

वह तकिये बना लेती है; उसके वस्त्र सूक्ष्म सन और बैंगनी रंग के होते हैं।

tā zhàng fu zài chéng mén kǒu yǔ běn dì de zhǎng lǎo tóng zuò , wèi zhòng rén suǒ rèn shi 。

जब उसका पति सभा में देश के पुरनियों के संग बैठता है, तब उसका सम्मान होता है।

tā zuò xì má bù yī shang chū mài , yòu jiāng yāo dài mài yǔ shāng jiā 。

वह सन के वस्त्र बनाकर बेचती है; और व्यापारी को कमरबन्द देती है।

néng lì hé wēi yí shì tā de yī fu ; tā xiǎng dào rì hòu de jǐng kuàng jiù xǐ xiào 。

वह बल और प्रताप का पहरावा पहने रहती है, और आनेवाले काल के विषय पर हँसती है31:25 आनेवाले काल के विषय पर हँसती है: अर्थात् वह चिन्तित होकर भविष्य को नहीं देखती परन्तु आत्म-विश्वास के साथ हर्ष से देखती है।।

tā kāi kǒu jiù fā zhì huì ; tā shé shàng yǒu rén cí de fǎ zé 。

वह बुद्धि की बात बोलती है31:26 वह बुद्धि की बात बोलती है: एक सच्ची पत्नी के मुख से निकलने वाले वचन श्रोताओं के लिए नियम निर्धारक मार्गदर्शन एवं निर्देशन स्वरूप होते हैं।, और उसके वचन कृपा की शिक्षा के अनुसार होते हैं।

tā guān chá jiā wù , bìng bù chī xián fàn 。

वह अपने घराने के चाल चलन को ध्यान से देखती है, और अपनी रोटी बिना परिश्रम नहीं खाती।

tā de ér nǚ qǐ lái chēng tā yǒu fú ; tā de zhàng fu yě chēng zàn tā ,

उसके पुत्र उठ उठकर उसको धन्य कहते हैं, उनका पति भी उठकर उसकी ऐसी प्रशंसा करता है:

shuō : cái dé de nǚ zǐ hěn duō , wéi dú nǐ chāo guò yí qiè 。

“बहुत सी स्त्रियों ने अच्छे-अच्छे काम तो किए हैं परन्तु तू उन सभी में श्रेष्ठ है।”

yàn lì shì xū jiǎ de , měi róng shì xū fú de ; wéi jìng wèi yē hé huá de fù nǚ bì dé chēng zàn 。

शोभा तो झूठी और सुन्दरता व्यर्थ है, परन्तु जो स्त्री यहोवा का भय मानती है, उसकी प्रशंसा की जाएगी।

耀

yuàn tā xiǎng shòu cāo zuò suǒ dé de ; yuàn tā de gōng zuò zài chéng mén kǒu róng yào tā 。

उसके हाथों के परिश्रम का फल उसे दो, और उसके कार्यों से सभा में उसकी प्रशंसा होगी।

इस अध्याय पर स्वयं को परखें

10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।