भजन संहिता 8:4
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便说:人算什么,你竟顾念他! 世人算什么,你竟眷顾他!
biàn shuō : rén suàn shén me , nǐ jìng gù niàn tā ! shì rén suàn shén me , nǐ jìng juàn gù tā !
तो फिर मनुष्य क्या है8:4 तो फिर मनुष्य क्या है: मनुष्य कैसा महत्वहीन है, उसका जीवन भाप के समान है वह अति शीघ्र विलोप हो जाता है वह अति पापी और अशुद्ध है कि ऐसा प्रश्न किया जाए। कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?