中文圣经

अय्यूब 7

ज्ञात 0/185

rén zài shì shàng qǐ wú zhēng zhàn ma ? tā de rì zi bú xiàng gù gōng rén de rì zi ma ?

“क्या मनुष्य को पृथ्वी पर कठिन सेवा करनी नहीं पड़ती? क्या उसके दिन मजदूर के से नहीं होते? (अय्यू. 14:5,13,14)

xiàng nú pú qiè mù hēi yǐng , xiàng gù gōng rén pàn wàng gōng jià ;

जैसा कोई दास छाया की अभिलाषा करे, या मजदूर अपनी मजदूरी की आशा रखे;

wǒ yě zhào yàng jīng guò kùn kǔ de rì yuè , yè jiān de pí fá wèi wǒ ér dìng 。

वैसा ही मैं अनर्थ के महीनों का स्वामी बनाया गया हूँ, और मेरे लिये क्लेश से भरी रातें ठहराई गई हैं। (अय्यू. 15:31)

便

wǒ tǎng wò de shí hòu biàn shuō : wǒ hé shí qǐ lái , hēi yè jiù guò qù ne ? wǒ jìn shì fǎn lái fù qù , zhí dào tiān liàng 。

जब मैं लेट जाता, तब कहता हूँ, ‘मैं कब उठूँगा?’ और रात कब बीतेगी? और पौ फटने तक छटपटाते-छटपटाते थक जाता हूँ।

wǒ de ròu tǐ yǐ chóng zǐ hé chén tǔ wèi yī ; wǒ de pí fū cái shōu le kǒu yòu chóng xīn pò liè 。

मेरी देह कीड़ों और मिट्टी के ढेलों से ढकी हुई है7:5 मेरी देह कीड़ों और मिट्टी के ढेलों से ढकी हुई है: नि:सन्देह अय्यूब अपनी रोगावस्था के बारे में कह रहा है और घावों में कीड़े पड़ जाने और अन्य रोगों की चर्चा की गई है।; मेरा चमड़ा सिमट जाता, और फिर गल जाता है। (यशा. 14:11)

wǒ de rì zi bǐ suō gèng kuài , dōu xiāo hào zài wú zhǐ wàng zhī zhōng 。

मेरे दिन जुलाहे की ढरकी से अधिक फुर्ती से चलनेवाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं।

qiú nǐ xiǎng niàn , wǒ de shēng mìng bú guò shì yì kǒu qì ; wǒ de yǎn jīng bì bú zài jiàn fú lè 。

“याद कर7:7 याद कर: हे परमेश्वर यह स्पष्टतः परमेश्वर को पुकारना है। अपने प्राण की पीड़ा के कारण अय्यूब अपने सृजनहार की ओर आँखें और मन लगाता है और कारण जानने की याचना करता है कि उसके जीवन को समाप्त करने का कारण उसके पास क्या है। कि मेरा जीवन वायु ही है; और मैं अपनी आँखों से कल्याण फिर न देखूँगा।

guān kàn wǒ de rén , tā de yǎn bì bú zài jiàn wǒ ; nǐ de yǎn mù yào kàn wǒ , wǒ què bú zài le 。

जो मुझे अब देखता है उसे मैं फिर दिखाई न दूँगा; तेरी आँखें मेरी ओर होंगी परन्तु मैं न मिलूँगा।

yún cǎi xiāo sàn ér guò ; zhào yàng , rén xià yīn jiān yě bú zài shàng lái 。

जैसे बादल छटकर लोप हो जाता है, वैसे ही अधोलोक में उतरनेवाला फिर वहाँ से नहीं लौट सकता;

tā bú zài huí zì jǐ de jiā ; gù tǔ yě bú zài rèn shi tā 。

वह अपने घर को फिर लौट न आएगा, और न अपने स्थान में फिर मिलेगा।

wǒ bù jīn zhǐ wǒ kǒu ; wǒ líng chóu kǔ , yào fā chū yán yǔ ; wǒ xīn kǔ nǎo , yào tǔ lù āi qíng 。

“इसलिए मैं अपना मुँह बन्द न रखूँगा; अपने मन का खेद खोलकर कहूँगा; और अपने जीव की कड़वाहट के कारण कुड़कुड़ाता रहूँगा।

wǒ duì shén shuō : wǒ qǐ shì yáng hǎi , qǐ shì dà yú , nǐ jìng fáng shǒu wǒ ne ?

क्या मैं समुद्र हूँ, या समुद्री अजगर हूँ, कि तू मुझ पर पहरा बैठाता है?

ruò shuō : wǒ de chuáng bì ān wèi wǒ , wǒ de tà bì jiě shì wǒ de kǔ qíng ,

जब जब मैं सोचता हूँ कि मुझे खाट पर शान्ति मिलेगी, और बिछौने पर मेरा खेद कुछ हलका होगा;

nǐ jiù yòng mèng jīng hài wǒ , yòng yì xiàng kǒng hè wǒ ,

तब-तब तू मुझे स्वप्नों से घबरा देता, और दर्शनों से भयभीत कर देता है;

shèn zhì wǒ nìng kěn yē sǐ , nìng kěn sǐ wáng , shèng sì liú wǒ zhè yì shēn de gǔ tou 。

यहाँ तक कि मेरा जी फांसी को, और जीवन से मृत्यु को अधिक चाहता है।

wǒ yàn qì xìng mìng , bú yuàn yǒng huó 。 nǐ rèn píng wǒ ba , yīn wǒ de rì zi dōu shì xū kōng 。

मुझे अपने जीवन से घृणा आती है; मैं सर्वदा जीवित रहना नहीं चाहता। मेरा जीवनकाल साँस सा है, इसलिए मुझे छोड़ दे।

rén suàn shén me , nǐ jìng kàn tā wèi dà , jiāng tā fàng zài xīn shàng ?

मनुष्य क्या है कि तू उसे महत्त्व दे7:17 मनुष्य क्या है कि तू उसे महत्त्व दे: परमेश्वर की तुलना में मनुष्य इतना महत्वहीन है कि यह पूछा जा सकता है कि उसे अपनी आवश्यकताओं के लिए इतनी सावधानी से क्यों प्रदान करना चाहिए। उसके कल्याण के लिए इतना पर्याप्त प्रावधान क्यों करें?, और अपना मन उस पर लगाए,

měi zǎo jiàn chá tā , shí kè shì yàn tā ?

और प्रति भोर को उसकी सुधि ले, और प्रति क्षण उसे जाँचता रहे?

nǐ dào hé shí cái zhuǎn yǎn bú kàn wǒ , cái rèn píng wǒ yàn xià tuò mò ne ?

तू कब तक मेरी ओर आँख लगाए रहेगा, और इतनी देर के लिये भी मुझे न छोड़ेगा कि मैं अपना थूक निगल लूँ?

使

jiàn chá rén de zhǔ a , wǒ ruò yǒu zuì , yú nǐ hé fáng ? wèi hé yǐ wǒ dāng nǐ de jiàn bǎ zǐ , shǐ wǒ yàn qì zì jǐ de xìng mìng ?

हे मनुष्यों के ताकनेवाले, मैंने पाप तो किया होगा, तो मैंने तेरा क्या बिगाड़ा? तूने क्यों मुझ को अपना निशाना बना लिया है, यहाँ तक कि मैं अपने ऊपर आप ही बोझ हुआ हूँ?

wèi hé bú shè miǎn wǒ de guò fàn , chú diào wǒ de zuì niè ? wǒ xiàn jīn yào tǎng wò zài chén tǔ zhōng ; nǐ yào yīn qín dì xún zhǎo wǒ , wǒ què bú zài le 。

और तू क्यों मेरा अपराध क्षमा नहीं करता? और मेरा अधर्म क्यों दूर नहीं करता? अब तो मैं मिट्टी में सो जाऊँगा, और तू मुझे यत्न से ढूँढ़ेगा पर मेरा पता नहीं मिलेगा।”

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10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।