中文圣经

नीतिवचन 5

ज्ञात 0/190

wǒ ér , yào liú xīn wǒ zhì huì de huà yǔ , cè ěr tīng wǒ cōng ming de yán cí ,

हे मेरे पुत्र, मेरी बुद्धि की बातों पर ध्यान दे, मेरी समझ की ओर कान लगा;

使

wèi yào shǐ nǐ jǐn shǒu móu lüè , zuǐ chún bǎo cún zhī shi 。

जिससे तेरा विवेक सुरक्षित बना रहे, और तू ज्ञान की रक्षा करे।

yīn wèi yín fù de zuǐ dī xià fēng mì ; tā de kǒu bǐ yóu gèng huá ,

क्योंकि पराई स्त्री के होठों से मधु टपकता है, और उसकी बातें तेल से भी अधिक चिकनी होती हैं;

zhì zhōng què kǔ sì yīn , kuài rú liǎng rèn de dāo 。

परन्तु इसका परिणाम नागदौना के समान कड़वा और दोधारी तलवार के समान पैना होता है।

tā de jiǎo xià rù sǐ dì ; tā jiǎo bù tà zhù yīn jiān ,

उसके पाँव मृत्यु की ओर बढ़ते हैं; और उसके पग अधोलोक तक पहुँचते हैं।

yǐ zhì tā zhǎo bù zhe shēng mìng píng tǎn de dào 。 tā de lù biàn qiān bú dìng , zì jǐ hái bù zhī dào 。

वह जीवन के मार्ग के विषय विचार नहीं करती; उसके चाल चलन में चंचलता है, परन्तु उसे वह स्वयं नहीं जानती।

zhòng zǐ a , xiàn zài yào tīng cóng wǒ ; bù kě lí qì wǒ kǒu zhōng de huà 。

इसलिए अब हे मेरे पुत्रों, मेरी सुनो, और मेरी बातों से मुँह न मोड़ो।

nǐ suǒ xíng de dào yào lí tā yuǎn , bù kě jiù jìn tā de fáng mén ,

ऐसी स्त्री से दूर ही रह, और उसकी डेवढ़ी के पास भी न जाना;

kǒng pà jiāng nǐ de zūn róng gěi bié rén , jiāng nǐ de suì yuè gěi cán rěn de rén ;

कहीं ऐसा न हो कि तू अपना यश औरों के हाथ, और अपना जीवन क्रूर जन के वश में कर दे;

kǒng pà wài rén mǎn dé nǐ de lì liàng , nǐ láo lù dé lái de , guī rù wài rén de jiā ;

या पराए तेरी कमाई से अपना पेट भरें, और परदेशी मनुष्य तेरे परिश्रम का फल अपने घर में रखें;

zhōng jiǔ , nǐ pí ròu hé shēn tǐ xiāo huǐ , nǐ jiù bēi tàn ,

और तू अपने अन्तिम समय में जब तेरे शरीर का बल खत्म हो जाए तब कराह कर,

shuō : wǒ zěn me hèn è xùn huì , xīn zhōng miǎo shì zé bèi ,

तू यह कहेगा “मैंने शिक्षा से कैसा बैर किया, और डाँटनेवाले का कैसा तिरस्कार किया!

yě bù tīng cóng wǒ shī fu de huà , yòu bú cè ěr tīng nà jiào xùn wǒ de rén ?

मैंने अपने गुरुओं की बातें न मानीं और अपने सिखानेवालों की ओर ध्यान न लगाया।

wǒ zài shèng huì lǐ , jī hū luò zài zhū bān è zhōng 。

मैं सभा और मण्डली के बीच में पूर्णतः विनाश की कगार पर जा पड़ा।”

nǐ yào hē zì jǐ chí zhōng de shuǐ , yǐn zì jǐ jǐng lǐ de huó shuǐ 。

तू अपने ही कुण्ड से पानी5:15 तू अपने ही कुण्ड से पानी: एक सच्ची पत्नी ताजगी का सोता है जहाँ क्लांत प्राण अपनी प्यास बुझाता है।, और अपने ही कुएँ के सोते का जल पिया करना।

nǐ de quán yuán qǐ kě zhǎng yì zài wài ? nǐ de hé shuǐ qǐ kě liú zài jiē shàng ?

क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए?

wéi dú guī nǐ yì rén , bù kě yǔ wài rén tóng yòng 。

यह केवल तेरे ही लिये रहे, और तेरे संग अनजानों के लिये न हो।

使

yào shǐ nǐ de quán yuán méng fú ; yào xǐ yuè nǐ yòu nián suǒ qǔ de qī 。

तेरा सोता धन्य रहे; और अपनी जवानी की पत्नी के साथ आनन्दित रह,

鹿鹿怀使使

tā rú kě ài de yōu lù , kě xǐ de mǔ lù ; yuàn tā de xiōng huái shǐ nǐ shí shí zhī zú , tā de ài qíng shǐ nǐ cháng cháng liàn mù 。

वह तेरे लिए प्रिय हिरनी या सुन्दर सांभरनी के समान हो, उसके स्तन सर्वदा तुझे सन्तुष्ट रखें, और उसी का प्रेम नित्य तुझे मोहित करता रहे।

怀

wǒ ér , nǐ wèi hé liàn mù yín fù ? wèi hé bào wài nǚ de xiōng huái ?

हे मेरे पुत्र, तू व्यभिचारिणी पर क्यों मोहित हो, और पराई स्त्री को क्यों छाती से लगाए?

yīn wèi , rén suǒ xíng de dào dōu zài yē hé huá yǎn qián ; tā yě xiū píng rén yí qiè de lù 。

क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं5:21 क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं: पाप केवल मनुष्य के विरुद्ध करना या मनुष्य द्वारा उसका पता लगाना ही नहीं, परन्तु गुप्त में किया गया पाप यहोवा की आँखों से छिपाया नहीं जा सकता।, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है।

è rén bì bèi zì jǐ de zuì niè zhuō zhù ; tā bì bèi zì jǐ de zuì è rú shéng suǒ chán rào 。

दुष्ट अपने ही अधर्म के कर्मों से फँसेगा, और अपने ही पाप के बन्धनों में बन्धा रहेगा।

tā yīn bú shòu xùn huì jiù bì sǐ wáng ; yòu yīn yú mèi guò shèn , bì zǒu chà le lù 。

वह अनुशासन का पालन न करने के कारण मर जाएगा, और अपनी ही मूर्खता के कारण भटकता रहेगा।

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10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।