भजन संहिता 120
我在急难中求告耶和华, 他就应允我。
wǒ zài jí nán zhōng qiú gào yē hé huá , tā jiù yīng yǔn wǒ 。
संकट के समय मैंने यहोवा को पुकारा, और उसने मेरी सुन ली।
耶和华啊,求你救我脱离说谎的嘴唇和诡诈的舌头!
yē hé huá a , qiú nǐ jiù wǒ tuō lí shuō huǎng de zuǐ chún hé guǐ zhà de shé tou !
हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुँह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।
诡诈的舌头啊,要给你什么呢? 要拿什么加给你呢?
guǐ zhà de shé tou a , yào gěi nǐ shén me ne ? yào ná shén me jiā gěi nǐ ne ?
हे छली जीभ, तुझको क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
就是勇士的利箭和罗腾木 的炭火。
jiù shì yǒng shì de lì jiàn hé luó téng mù de tàn huǒ 。
वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
我寄居在米设, 住在基达帐棚之中,有祸了!
wǒ jì jū zài mǐ shè , zhù zài jī dá zhàng péng zhī zhōng , yǒu huò le !
हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
我与那恨恶和睦的人许久同住。
wǒ yǔ nà hèn è hé mù de rén xǔ jiǔ tóng zhù 。
बहुत समय से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
我愿和睦, 但我发言,他们就要争战。
wǒ yuàn hé mù , dàn wǒ fā yán , tā men jiù yào zhēng zhàn 。
मैं तो मेल चाहता हूँ; परन्तु मेरे बोलते120:7 मेरे बोलते: जब भी इसकी चर्चा करता हूँ, में जब भी अपनी दु:खित भावनाओं को व्यक्त करता हूँ, वे अनसुना करते हैं; उन्हें किसी बात से सन्तोष नहीं होता है। ही, वे लड़ना चाहते हैं!
इस अध्याय पर स्वयं को परखें
10 शब्दों की त्वरित प्रश्नोत्तरी।